ISSN 0976-8645

भवतां सर्वेषां मङ्गलाभिनन्दनम्।

latest_issue_image012.gifमुख्यजालपुटम्  latest_issue_image012.gif English version

 

Frequently Asked Questions

*                  शोधप्रकाशित होने के लिए आवश्यक शर्त। (जहाँ पूर्वप्रदत्त आंग्लनियमावली से वैमत्य हो, आंग्लनियमावली ही मान्य होगी।)

1.    मौलिकता

2.    अन्यत्र कहीं न तो प्रकाशित हुआ हो न प्रकाशित होने के लिये भेजा गया हो। (यदि अन्यत्र कहीं प्रकाशित हुआ है और संस्कृतजगत् हेतु महान् उपकारक है तो इसे शृङ्खला प्राभाग में मूलप्रकाशक के विवरण के साथ सम्पादकमण्डली के अनुदन पर प्रकाशित किया जा सकेगा)

3.    Undertaking form प्रेषण (यह Home page पर Form पर प्राप्य है।)

4.    Essential data form पूर्ति (यह Home page पर Form पर प्राप्य है।)

5.    संस्कृत में निबद्ध हो अथवा संस्कृत विषयवस्तु हो एवं संस्कृत्, आंग्ल अथवा हिन्दी मे निबद्ध हो।

6.    इस पत्रिका में प्रकाशित साहित्यानुराग प्रभाग के निमित्त ही शैक्षिक लाभनिमित्त उपयोग करसकते हैं (UGC के सन्दर्भ में)

7.    शोधपत्र, undertaking form तथा प्रयुक्त फोण्ट अनिवार्य रूप से एक Zip फोल्डर में केवल स्वयं के E-mail ID से प्रेषित किया जाय।

8.    शोधसार 100 शब्द तथा शोधपत्र की सीमा 1500 शब्द है।

9.    प्रेषित किये जाने बाले E mail का Subject अनिवार्य रूप से  - Title of write up +Your name+Your DOBहो।

 

शोधपत्र कब भेजें-

लोकार्पण- Jan, Apr, July, Oct  तदर्थ तिथि क्रमशः - 1st Dec 1st Mar, 1st June, 1st Sep.

 

टङ्कण सन्दर्भित समस्या है?

यदि टङ्कणकार्य में समस्या हो रही है, तो यूनीकोड में टङ्कण हेतु सम्पर्क करसकते है- श्री आशुतोष झा-  7376194873

सहयोग राशि क्या है?

यह पत्रिका केवल और केवल संस्कृतजगत् के उत्कर्ष के लिये समर्पित है। साथ ही जो अपनी मेधा अभिव्यक्ति हेतु उपयुक्त स्थल की तलाश कर रहे हैं उनके प्रोत्साहन के लिये है। फिर भी पत्रिका को सुचारु रूप से चलाने के लिये नेट, सर्वर, सम्पादन आदि में जो व्यय करना होता है उसके लिये सक्षम पाठक से अपेक्षित राशि 1000/- प्रति शोधपत्र है। यह मात्र साहित्यानुरागप्रभाग के लिये है। जो स्वेच्छया उक्त राशि सहयोग के रूप में देना चाहें उनका स्वागत है-|

 

शोधपत्र कैसे भेजें?

E-mail  jahnavisanskritjournal@gmail.com

Hard copy- Bipin Kumar Jha

Dpt. Sahitya, Rashtriya Sanskrit Sansthan, Deptt. Of Sahitya

Vedavyas Campus, Balahar, Dist Kangra, Himachal Pradesh 177-108 India

 

शोधपत्र का प्रारूप क्या हो?

क्रम

संस्कृत

हिन्दी

आंग्ल

1

शीर्षकः

शीर्षक

 Title

2

कूटशब्दाः

कूटशब्द

Key words

3

शोधसारः

शोधसार

Abstract

4

शोधः (मुख्यांशः)

शोध (मुख्यांश)

Article

5

टिप्पणी (पाद-मध्य अथवा अन्त)

टिप्पणी (पाद-मध्य अथवा अन्त)

Foot/mid/end notes

6

सन्दर्भसूची

सन्दर्भसूची

Bibliography

 

किन शोधों वरीयता दी जाती है?

1.    संस्कृत में निबद्ध

2.    शोधप्रविधि अनुपालित

3.    समसामयिकसन्दर्भ में उपादेय

4.    विज्ञान-प्रौद्योगिकी एवं संस्कृत सन्दर्भित

5.    विभन्न विश्वविद्यालयों/संस्थानों में हो रहे शोध की स्थिति/आंकडे/गुणवत्ता हेतु किये जा रहे प्रयास/गुणवत्ता हेतु सम्भावित मार्ग/विविध विषयों की जानकारी प्रभृति विषयक

सन्दर्भ कैसे लिखें-

इस निमित्त undertaking form में दिये प्रारूप का अनुगमन करें अथवा APA (American Psychological Association)  के नियमों का अनुगमन करें।

 

प्रकाशन/सम्पादन में सहयोग कैसे करें?

Note- If you are interested to help us from next issue, please contact us jahnavisanskritjournal@gmail.com cc to editor@jahnavisanskritejournal.com

 

 

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All right reserved- Bipin Kumar Jha & Varsha Jha

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साहित्यविभागः, राष्ट्रीयसंस्कृतसंस्थानम् (मानितविश्वविद्यालयः)

वेदव्यासपरिसरः, बलाहरः, देहरा, कांगरा, हिमाचलप्रदेशः

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